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Friday, September 15, 2017

Protocal of NP Gov!

गृह मन्त्रालयले स्थानीय तहको पदाधिकारीहरूको निर्वाचनपछि उनीहरूलाई समेत समेटेर नयाँ मर्यादाक्रम तयार पारेको छ।
१. राष्ट्रपति
२. उपराष्ट्रपति
३. प्रधानमन्त्री
४. प्रधानन्यायाधीस
५. संविधानसभा अध्यक्ष/ब्यवस्थापिका संसदका सभामुख
६. पूर्व राष्ट्रपति, उपप्रधानमन्त्री
७. मन्त्री, ब्यवस्थापिका संसदका विपक्षी दलका नेता, पूर्व उपराष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमन्त्री, पूर्व प्रधानन्यायाधीस, ब्यवस्थापिका संसदका उपसभामुख, संविधानसभाका उपाध्यक्ष, पूर्वसभामुख
८. राज्यमन्त्री, संविधानसभा/व्यवस्थापिका संसदका विभिन्न समितिका सभापति/अध्यक्ष
९. राष्ट्रिय योजना आयोगका उपाध्यक्ष प्रज्ञा प्रतिष्ठानका कुलपतिहरु
१०. सर्वोच्च अदालतका न्यायाधीस, न्यायपरिषदका सदस्य
११. सहायक मन्त्री
१२. संविधानसभारब्यवस्थापिका संसदका सदस्य
१३. संबैधानिक निकायका प्रमुख, महान्यायाधीवक्ता, नेपाल सरकारका मूख्य सचिव, प्रधान सेनापति, संसद सचिवालयका महासचिव
१४. उच्च अदालतका मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रिय योजना आयोगका सदस्य, संबैधानिक निकायका पदाधिकारी, नेपाल राष्ट्रबैंकका गभर्नर, प्रज्ञाप्रतिष्ठानका उपकुलपति, विश्वविद्यालयका
उपकुलपति
१५. नेपाल सरकारका सचिव, नेपाल सरकारका बिशिष्ट श्रेणिका कर्मचारी, नेपाल स्थित विदेशी राजदुत, सार्कका महासचिव, नेपाली राजदूत, सर्बोच्च अदालतका रजिष्टार, नायब महान्यायाधिवक्ता, उच्च अदालतका न्यायाधिश
१६. रथी, प्रहरी महानिरीक्षक, सशस्त्र प्रहरी महानिरीक्षक, मुख्य अनुसंधान निर्देशक (राष्ट्रिय अनुसंधान विभाग), नेपाल स्थित संयुक्त राष्ट्र संघीय विकास कार्यक्रमका आवासीय संयोजक
१७. उपरथी, अतिरिक्त महानिरीक्षक, सशस्त्र प्रहरी अतिरिक्त महानिरीक्षक, राष्ट्रिय अनुसंधान विभागका अतिरिक्त मूख्य अनुसंधान निर्देशक
१८. जिल्ला विकास समितिका निर्वाचित सभापति, महानगरपालिकाका प्रमुख (निर्वाचित)
१९. नेपाल सरकारका सहसचिव, महानिर्देशक, उपमहानिर्देशक, जिल्ला न्यायाधीश, राजपत्रांकित प्रथम श्रेणिका कर्मचारी, उपमहानगरपालिकाका प्रमुख (निर्वाचित), नगरपालिकाका प्रमुख (निर्वाचित)
२०. नेपालस्थित विदेशी कन्सलर जनरल, नेपालस्थित अन्य अन्तर सरकारी संस्थाका प्रमुख
२१. सहायक रथी, प्रहरी नायव महानिरिक्षक, सशस्त्र प्रहरी नायव महानिरिक्षक, राष्ट्रिय अनुसंधान विभागका अनुसंधान निर्देशक
२२. महासेनानी, प्रहरी बरिष्ठ उपरिक्षक, सशस्त्र प्रहरी बरिष्ठ उपरिक्षक, राष्ट्रिय अनुसंधान विभागका सह अनुसंधान निर्देशक
२३. नेपाल सरकारका उपसचिव, निर्देशक, राजपत्रांकित द्धितीय श्रेणिका कर्मचारी
२४. प्रमुख सेनानी, प्रहरी उपरिक्षक, सशस्त्र प्रहरी उपरिक्षक, राष्ट्रिय अनुसंधान विभागका उप अनुसंधान निर्देशक
२५. सेनानी, प्रहरी नायव उपरिक्षक, सशस्त्र प्रहरी नायव उपरिक्षक, राष्ट्रिय अनुसंधान विभागका अनुसंधान अधिकृत, गाविस (अध्यक्ष)
२६. सह सेनानी, नेपाल सरकारका शाखा अधिकृत, राजपत्रांकित तृतीय श्रेणिका कर्मचारी
२७. उपसेनानी, प्रहरी निरिक्षक, सशस्त्र प्रहरी निरिक्षक, राष्ट्रिय अनुसंधान विभागका अनुसंधान अधिकृत
२८. सहायक सेनानी

Sunday, September 3, 2017

Kaṭēhara Rōhila - Sammy Singh Pundir

आदरणीय महेश सिंह कठायत जी अपने कटेहर रोहिल खंड से विस्थापित राजपूतो के निरंतर 400 वर्ष के संघर्ष का जो मार्मिक वर्णन किया है उसके लिए क्षत्रिय समाज आपका ऋणी है नेपाल में निवास के बाद भी आप अपनी जन्म भूमि कर्म भूमि कुमायूं ओर कटेहर को नही भूले आप धन्य है आपने 180 वर्ष पुराना दस्तावेज मूल प्रति प्रस्तुत कर क्षत्रियो को गौरवान्वित किया है आपने कटेहर के रोहिला राजपूतो का क्रमबद्ध इतिहास खोज कर एक अति उत्तम कार्य किया है राजा रणवीर सिंह कटेहर या रोहिला ने सल्तनत को घुटने टेकने पर मजबूर किया और नसीरुद्दीन महमूद बहराम उर्फ चंगेज को हराने का वर्णन कर इतिहास के पन्ने खोल दिये है
भारत का क्षत्रिय समाज आपका स्वागत व धन्यवाद करता है कटेहर के कठायत राजपूत वही हैजिन्होंने काठ गढ़ में सिकंदर को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था सूर्य वन्स की निकुम्भ शाखा के ये सूर्य वंसी राजपूत रावी व व्यास नदी के का ठ में काठ गणराज्य के संस्थापक थे

Respected Mahesh Singh kaṭhāyata ji is a constant of the 400 years of the struggle of displaced rajputs with its kaṭēhara rōhila, the kshatriya society is your debtor in Nepal, even after dwelling in Nepal, you do not have your birth land. You are blessed, you have made a 180-Year-old document to the original per. You have proud rajput. The sort of rajputs is a great job. King Ranveer Singh Kaṭēhara or rohila has forced the empire to kneel. The more naseeruddin mahmood baharāma aka and ghenghis the page of history and open
The Kshatriya Society of India is welcome and thanks to the kaṭēhara rajput in the kaṭēhara, he was forced to kneel down in the he, the sun and the founder of the Kath Rajput, the sun and the diameter.

Thursday, August 31, 2017

How to live Healthy!

! 1. दैनिक ८ गिलास पानी पिउने 
2. दैनिक रूपमा साग खाने
 3. खानामा सलाद समावेश गर्ने 
4. टुसा उम्रेका अनाज खाने
 5. बिहान उठ्नेबित्तिकै एक गिलास मनतातो पानीमा कागतीको रस राखेर पिउने
 6. मौसमअनुसारका फलफूल खाने 
7. चिसो पेयपदार्थ नपिउने 
8. चिया÷कफी धेरै नपिउने 
9. रेसायुक्त तरकारी खाने 
10. नुन कम खाने बढी गुलियो नखाने 
11. तारेको र डढेको नखाने 
12. तरकारीको बोक्रा नफाल्ने 
13. भुटेको भटमास, मकै, चना खाने 
14. रातीको खाना ७ बजेभन्दा ढिलो नखाने 
15. खाना खानेबित्तिकै नसुत्ने 
16. चाँडै सुत्ने र चाँडै उठ्ने 
17. ८ घण्टा मस्त सुत्ने 
18. रक्सी, चुरोट र सूर्ति सेवन नगर्ने 
19. बिहान कम्तिमा ३० मिनेट हिड्ने, 
20. व्यायाम गर्ने तनावमा काम नगर्ने 
21. सुख/दुःख सेयर गर्ने बिदाको दिन परिवारसहित घुमफिर गर्ने 
22. प्रार्थना, पुजापाठ गर्ने 
23. जंकफुड, फास्टफुड सेवन नगर्ने 
24. बेलाबेलामा मनोरञ्जन गर्ने 
25. हरेक कुरामा चित्त बु 
27. ६/६ महिनामा शरीर चेकअप गराउने 
28. ३/३ महिनामा ब्लडप्रेसर जाँच्ने 
29. शाकाहारी खानपान शैली अपनाउने 
30. दिनहुँ एकपटक मजाले हाँस्ने 
31. आफूलाई कमजोर नसम्झने 
32. सकारात्मक सोचाई राख्ने 
33. ध्यान गर्ने 

Wednesday, August 30, 2017

Some Facts about Hinduism!

अपनी  की संस्कृति
को पहचाने.
ज्यादा से ज्यादा
लोगो तक पहुचाये.
खासकर अपने बच्चो को बताए
क्योकि ये बात उन्हें कोई नहीं बताएगा...
📜😇 दो पक्ष-
कृष्ण पक्ष ,
शुक्ल पक्ष !
📜😇 तीन ऋण
देव ऋण ,
पितृ ऋण ,
ऋषि ऋण !
📜😇 चार युग -
सतयुग ,
त्रेतायुग ,
द्वापरयुग ,
कलियुग !
📜😇 चार धाम -
द्वारिका ,
बद्रीनाथ ,
जगन्नाथ पुरी ,
रामेश्वरम धाम !
📜😇 चारपीठ -
शारदा पीठ ( द्वारिका )
ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम )
गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) ,
शृंगेरीपीठ !
📜😇 चार वेद
ऋग्वेद ,
अथर्वेद ,
यजुर्वेद ,
सामवेद !
📜😇 चार आश्रम
ब्रह्मचर्य ,
गृहस्थ ,
वानप्रस्थ ,
संन्यास !
📜😇 चार अंतःकरण -
मन ,
बुद्धि ,
चित्त ,
अहंकार !
📜😇 पञ्च गव्य -
गाय का घी ,
दूध ,
दही ,
गोमूत्र ,
गोबर !
📜😇 पञ्च देव -
गणेश ,
विष्णु ,
शिव ,
देवी ,
सूर्य !
📜😇 पंच तत्त्व -
पृथ्वी ,
जल ,
अग्नि ,
वायु ,
आकाश !
📜😇 छह दर्शन -
वैशेषिक ,
न्याय ,
सांख्य ,
योग ,
पूर्व मिसांसा ,
दक्षिण मिसांसा !
📜😇 सप्त ऋषि -
विश्वामित्र ,
जमदाग्नि ,
भरद्वाज ,
गौतम ,
अत्री ,
वशिष्ठ और कश्यप!
📜😇 सप्त पुरी -
अयोध्या पुरी ,
मथुरा पुरी ,
माया पुरी ( हरिद्वार ) ,
काशी ,
कांची
( शिन कांची - विष्णु कांची ) ,
अवंतिका और
द्वारिका पुरी !
📜😊 आठ योग -
यम ,
नियम ,
आसन ,
प्राणायाम ,
प्रत्याहार ,
धारणा ,
ध्यान एवं
समािध !
📜😇 आठ लक्ष्मी -
आग्घ ,
विद्या ,
सौभाग्य ,
अमृत ,
काम ,
सत्य ,
भोग ,एवं
योग लक्ष्मी !
📜😇 नव दुर्गा -
शैल पुत्री ,
ब्रह्मचारिणी ,
चंद्रघंटा ,
कुष्मांडा ,
स्कंदमाता ,
कात्यायिनी ,
कालरात्रि ,
महागौरी एवं
सिद्धिदात्री !
📜😇 दस दिशाएं -
पूर्व ,
पश्चिम ,
उत्तर ,
दक्षिण ,
ईशान ,
नैऋत्य ,
वायव्य ,
अग्नि
आकाश एवं
पाताल !
📜😇 मुख्य ११ अवतार -
मत्स्य ,
कच्छप ,
वराह ,
नरसिंह ,
वामन ,
परशुराम ,
श्री राम ,
कृष्ण ,
बलराम ,
बुद्ध ,
एवं कल्कि !
📜😇 बारह मास -
चैत्र ,
वैशाख ,
ज्येष्ठ ,
अषाढ ,
श्रावण ,
भाद्रपद ,
अश्विन ,
कार्तिक ,
मार्गशीर्ष ,
पौष ,
माघ ,
फागुन !
📜😇 बारह राशी -
मेष ,
वृषभ ,
मिथुन ,
कर्क ,
सिंह ,
कन्या ,
तुला ,
वृश्चिक ,
धनु ,
मकर ,
कुंभ ,
कन्या !
📜😇 बारह ज्योतिर्लिंग -
सोमनाथ ,
मल्लिकार्जुन ,
महाकाल ,
ओमकारेश्वर ,
बैजनाथ ,
रामेश्वरम ,
विश्वनाथ ,
त्र्यंबकेश्वर ,
केदारनाथ ,
घुष्नेश्वर ,
भीमाशंकर ,
नागेश्वर !
📜😇 पंद्रह तिथियाँ -
प्रतिपदा ,
द्वितीय ,
तृतीय ,
चतुर्थी ,
पंचमी ,
षष्ठी ,
सप्तमी ,
अष्टमी ,
नवमी ,
दशमी ,
एकादशी ,
द्वादशी ,
त्रयोदशी ,
चतुर्दशी ,
पूर्णिमा ,
अमावास्या !
📜😇 स्मृतियां -
मनु ,
विष्णु ,
अत्री ,
हारीत ,
याज्ञवल्क्य ,
उशना ,
अंगीरा ,
यम ,
आपस्तम्ब ,
सर्वत ,
कात्यायन ,
ब्रहस्पति ,
पराशर ,
व्यास ,
शांख्य ,
लिखित ,
दक्ष ,
शातातप ,
वशिष्ठ !

Some facts about Bhagbat Gita

पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं
1. युधिष्ठिर 2. भीम 3. अर्जुन
4. नकुल। 5. सहदेव
( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण भी कुंती के ही पुत्र थे , परन्तु उनकी गिनती पांडवों में नहीं की जाती है )
यहाँ ध्यान रखें कि… पाण्डु के उपरोक्त पाँचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन
की माता कुन्ती थीं ……तथा , नकुल और सहदेव की माता माद्री थी ।
वहीँ …. धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र…..
कौरव कहलाए जिनके नाम हैं
1. दुर्योधन 2. दुःशासन 3. दुःसह
4. दुःशल 5. जलसंघ 6. सम
7. सह 8. विंद 9. अनुविंद
10. दुर्धर्ष 11. सुबाहु। 12. दुषप्रधर्षण
13. दुर्मर्षण। 14. दुर्मुख 15. दुष्कर्ण
16. विकर्ण 17. शल 18. सत्वान
19. सुलोचन 20. चित्र 21. उपचित्र
22. चित्राक्ष 23. चारुचित्र 24. शरासन
25. दुर्मद। 26. दुर्विगाह 27. विवित्सु
28. विकटानन्द 29. ऊर्णनाभ 30. सुनाभ
31. नन्द। 32. उपनन्द 33. चित्रबाण
34. चित्रवर्मा 35. सुवर्मा 36. दुर्विमोचन
37. अयोबाहु 38. महाबाहु 39. चित्रांग 40. चित्रकुण्डल41. भीमवेग 42. भीमबल
43. बालाकि 44. बलवर्धन 45. उग्रायुध
46. सुषेण 47. कुण्डधर 48. महोदर
49. चित्रायुध 50. निषंगी 51. पाशी
52. वृन्दारक 53. दृढ़वर्मा 54. दृढ़क्षत्र
55. सोमकीर्ति 56. अनूदर 57. दढ़संघ 58. जरासंघ 59. सत्यसंघ 60. सद्सुवाक
61. उग्रश्रवा 62. उग्रसेन 63. सेनानी
64. दुष्पराजय 65. अपराजित
66. कुण्डशायी 67. विशालाक्ष
68. दुराधर 69. दृढ़हस्त 70. सुहस्त
71. वातवेग 72. सुवर्च 73. आदित्यकेतु
74. बह्वाशी 75. नागदत्त 76. उग्रशायी
77. कवचि 78. क्रथन। 79. कुण्डी
80. भीमविक्र 81. धनुर्धर 82. वीरबाहु
83. अलोलुप 84. अभय 85. दृढ़कर्मा
86. दृढ़रथाश्रय 87. अनाधृष्य
88. कुण्डभेदी। 89. विरवि
90. चित्रकुण्डल 91. प्रधम
92. अमाप्रमाथि 93. दीर्घरोमा
94. सुवीर्यवान 95. दीर्घबाहु
96. सुजात। 97. कनकध्वज
98. कुण्डाशी 99. विरज
100. युयुत्सु
( इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहनभी थी… जिसका नाम""दुशाला""था,
जिसका विवाह"जयद्रथ"सेहुआ था )
"श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में
ॐ . किसको किसने सुनाई?
उ. श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई।
ॐ . कब सुनाई?
उ.- आज से लगभग 7 हज़ार साल पहले सुनाई।
ॐ. भगवान ने किस दिन गीता सुनाई?
उ.- रविवार के दिन।
ॐ. कोनसी तिथि को?
उ.- एकादशी
ॐ. कहा सुनाई?
उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में।
ॐ. कितनी देर में सुनाई?
उ.- लगभग 45 मिनट में
ॐ. क्यू सुनाई?
उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए।
ॐ. कितने अध्याय है?
उ.- कुल 18 अध्याय
ॐ. कितने श्लोक है?
उ.- 700 श्लोक
ॐ. गीता में क्या-क्या बताया गया है?
उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है।
ॐ. गीता को अर्जुन के अलावा
और किन किन लोगो ने सुना?
उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने
ॐ. अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था?
उ.- भगवान सूर्यदेव को
ॐ. गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है?
उ.- उपनिषदों में
ॐ. गीता किस महाग्रंथ का भाग है....?
उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है।
ॐ. गीता का दूसरा नाम क्या है?
उ.- गीतोपनिषद
ॐ. गीता का सार क्या है?
उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना
ॐ. गीता में किसने कितने श्लोक कहे है?
उ.- श्रीकृष्ण जी ने- 574
अर्जुन ने- 85
धृतराष्ट्र ने- 1
संजय ने- 40.
the END

Gaura Festival of far western region of Nepal "गौरा पर्व"

गौरा पर्व
.
पार्वतीले कठोर तपस्याद्वारा शिवलाई पतिका रुपमा प्राप्त गरेका यस पर्वमा गौरी अर्थात पार्वतीको पुजाअर्जना गरिन्छ ।
यो पर्व भाद्र महिनामा नेपालको
. सुदूरपश्चिम तथा मध्यपशचिमाञ्चलमा मनाइन्छ ।सु प मा महत्वपुर्ण पर्वको रुपमा गौरापर्वलाई लिइन्छ ।परापूर्वकाल देखि डोटी र कुमाउँमा भाद्र शुक्ल षञ्चमी देखि अष्टमी सम्म विभिन्न कार्यक्रम गरी मनाईन्छ ।भाद्र महिनाभरी पनि यो पर्व मनाइन्छ ।यसलाई मनाउने चलन फरक फरक भएता पनि निम्न विधिबाट यो पर्व मनाइन्छ ।
1 पहिलो दिन बिरुडा पञ्चमी
गैरापर्वमा महिलाहरु निराहार बसी आ आफ्नो घरमा तामा वा पित्तलको भाँडोमा विरुडा अर्थात गहुँ ,केराउ ,गहत , मास र गुरुँस गरी पञ्च अन्न दीप बालेर पुजा गरेर भिजाउँछन ।
2 दोश्रो दिन
भिजाएको बिरुडा लिएर सबै महिला नजिकको पानीको मुहान भएको ठाउँमा गइ धुने गर्दछन ।
3 तेस्रो दिन
.धोएको विरुडा ,धान ,साउँ ,गुभो ,अपामार्ग फूल लगायका बिरुवाबाट गौराको मूर्ति बनाइनछ । यो कार्य चेलिबेटीहरु गर्दछन । निङगलो वा बाँसको चोयाबाट निर्मित टोकरीमा गौरादेवीको प्रतिमा बनाईन्छ ।
बाजा गाजाका साथ बेलुकिपख
गीत गाएर गौरा घरमा ल्याइन्छ ।
#बारै बार आसेइ लोली मइ माईत बोलाएइ .......
मन्दिरमा गौरा भित्र्याइन्छ ।
निराहार महिला .अरु भक्तजन पनि आउने गर्दछन ।
महिलाहरु दुधागो र सप्तमी ,पुजा सामाग्री साथ पुजागरी देउडा खेल्दछन ।
सप्तमी भन्नाले एउटा डोरीमा सातवटा गाँठा पारिन्छ त्यसैलाई अबसेक गरी घाँटीमा लगाएर खाना खाइन्छ ।
4.अषठमी या अठेवाली
बाजागाजाका साथ लोली गमरा देवीलाई चेली बेटीहरु गौरा खलोमा पुरयाउँछन ।
.
महिलाहरु अठेबाली भन्दछन र अरु ठाडो खेल ,धुमारी लोक देउडा खेल्ने गर्दछन ।
पछि बिरीडा फलफुलहरुलाई चारै दिशा पर्ने गरी चाधरले जोडले आकाश तिर फाल्ने गर्दछन ।
त्यो बिरुडा सबैले मान्य ज्यूबाट लगाइन्छ ।
त्यस चलन अनुसार सेलाउने वा आर्को बिसेस दिन राख्ने निर्णय हुन्छ ।
दिनभरी सबाल जबाफ ,ठाडो खेल ,लोकदेउडा खेल्ने गरिन्छ ।
गौरागीत
हल्लोरी वाला कल्लोरी ........2
यो मेरो वाला लीसनी लोटयो
लीसनी लोटयो जिऊँ हो लिसनी लोटयो ।
सासु वरालीले हेरी दिथ्यो वालो हेरी दिन्थ्यो ।
हल्लोरी वाला हल्लोरी ........2
गौराबिशेष
.

ढुस्को
हाई
को लोग छन गोकुल पुरी
बिडी महादेव गोकुल पुरी
नन्द यसोदा गोकुल पुरी
केउ काज छन गोकुलपुरी
किसनका छटी गोकुल पुरी